बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

तब कोई कविता अधर में नहीं छूटेगी

अमूमन मैं टीवी कम ही देखता हूं लेकिन इन दिनों इंडियन आइडल का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें ख्यात और सदी के गीतकार संतोष आनंद पहुंचे थे। उम्र और हालात ने उन्हें क्या से क्या बना दिया ये दुनिया ने देखा। नवोदित कलाकार जो उनके गीत सुनकर बडे़ हुए हैं जब मंच पर व्हील चेयर पर बैठे संतोष आनंद से उनके इस हालात में रूबरू हुए तो जैसे सपनों की जमीं हिल गई, पैरों के नीचे से सपने टूटकर किसी सख्त सी चट्टान से जा टकराए। ओह...संतोष आनंद लड़खड़ाते शब्दों में जीवन बयां कर रहे थे, सच बयां कर रहे थे और पूरा मंच, देश और फिल्मों की वो चमकदार दुनिया सुन रही थी। सब हक्का-बक्का थे, लेकिन खामोश। कहना चाहता हूं कि संतोष आनंद अकेले नहीं हैं जिनके हिस्से संघर्ष आया है और वो भी इस कदर कि वे व्हील चेयर पर आ पहुंचे और जीवन घुटनों पर और सपनों का तो क्या कहें वे तो अतीत के दिनों की तस्वीर की फ्रेम में समाकर उस सीलन की भेंट चढ़ गए। संतोष आनंद जब मंच पर पहुंचे और उनकी आपबीती और जीवन का सच बयां हो रहा था तब वहां मौजूद हरेक की आंखों में आंसू थे, हालांकि संतोष आनंद पहले कलाकार नहीं हैं जिन्हें बुजुर्ग होने पर जीवन ने मुश्किलों की भंवर में उलझा दिया, उनसे पहले भी बहुत थे लेकिन उम्मीद करनी चाहिए कि इस इंडस्टी में आगे कोई संतोष आनंद की भांति हालात के शिकंजे में नहीं उलझेगा। बहरहाल उस गमगीन माहौल में एक बहुत गहरी राहत हुई वो ये देखकर कि हमारे पास यदि संतोष आनंद हैं तो नेहा कक्कड़ भी हैं...मैं उनकी तारीफ इसलिए नहीं कर रहा हूं कि उन्होंने संतोष आनंद जी को पांच लाख की मदद देने की बात कही, मैं इसलिए खुश हूं कि उन्होंने वो शुरुआत की जो इस फिल्म इंडस्टी में काफी पहले हो जानी चाहिए थी। मदद के लिए हाथ बढ़ाया और वो भी पूरे मन से। उन्होंने एक नजीर रखी है और ये नजीर यदि ये इंडस्ट्री अपनाती है तो यकीन मानिए कि कोई कविता अधर में नहीं छूटेगी, कोई कलाकार बूढ़ा नहीं होगा, किसी को आखिर समय में कालकोठरी सा जीवन नहीं मिलेगा। यहां बात कहना ये भी जरुरी है कि संतोष आनंद का कद उस व्हील चेयर पर भी कितना उंचा था ये पूरी इंडस्टी ने देखा, उन्होंने पहले मदद को स्वीकार नहीं किया कहा कैसे ले लूं स्वाभिमानी दूं...लेकिन जब नेहा कक्कड़ ने जिद करते हुए उन्हें कहा कि ये मानिए कि आपकी पोती की ओर से ये है तब वे तैयार हुए....ओह ये जीवन कितना कुछ दिखाता है....वाकई जिंदगी कुछ भी नहीं तेरी मेरी कहानी है....सच और गहरा सच...।


2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही खूबसूरत लेख सर! आपने बहुत अच्छे से अपने विचार को व्यक्त किया है🙏🙏🙏
    हमारे ब्लॉग पर भी आइए और अपनी राय व्यक्त कीजिए आप का हार्दिक स्वागत है🙏🙏🙏🙏

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  2. बहुत आभार मनीषा जी...। अवश्य..।

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वन्य जीव कैसे कहेंगे अपना दर्द

उस फोटोग्राफ ने मुझे हतप्रभ भी कर दिया और मैं गहरे तक अंदर पत्थर हो गया क्योंकि मैं उस तस्वीर में मानव के भविष्य को सुस्पष्ट देख पा रहा था.....